Dushmani Shayari

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Dushmani Shayari

Dushmani Shayari

कुछ न उखाड़ सकोंगे तुम हमसे दुश्मनी करके
हमें बर्बाद करना चाहते हो तो हमसे मोहब्बत कर लो
Jaati hui mayyat dekh ke bhi wallaa tum uth kar aa na sake
Do chaar kadam to dushman bhi taqlif gawaara karte hain

जिन लोगों के पास दिखाने के लिए टैलेंट नहीं होता
वो अक्सर अपनी औकात दिखा जाते हैं

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insaan marta hai mar jaye lekin kabhi bhi un saharon
pe bharosah na kare jo kayi baar us ki buniyaadon ko hila chuke hai
इसान मरता है तो मर जाये लेकिन कभी भी उन सहारों
पे भरोशा न करें जो कई बार उसकी बुनोयादों को हिला चुके हो

शेर‬ का शिकार किया नहीं जाताराजा‬ को दरबार में मारा नहीं जाता
दुश्मनी‬ अपनी औकात वालों से कर क्यूंकि खेल बाप‬ के साथ खेला नहीं जाता

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Dekha To Wo Shakhs Bhi Mere Dushmano Me Tha,
Naam Jiska Shamil Meri Dhadhkano Me Tha

वैसे दुश्मनी तो हम -कुत्ते- से भी नहीं करते है
पर बीच में आ जाये तो -शेर- को भी नहीं छोड़ते
Mere Rone Se Nikalte Hain Aansu Jo Khoon Ke
Mere Dushman Talabgar Hain Unko Bhi Peene Ke

Dushmani Shayari

Dushmani Shayari

 

भाई की पहोंच तो दिल्ली से लेकर ‘कब्रस्थान तक है
आवाज दिल्ली तक जाती है दुश्मन कब्रस्थान तक
Dushmani Jam Ke Karo Par Itni Gunjaish Rahe
Kal Jo Hum Dost Ban Jayaen To Sharminda Na Ho

अगर किस्मत आजमाते-आजमाते थक गये हो
तो कभी खुद को भी आजमाईए नतीजे बहेतर होंगे
Haath Me Khanjar Hi Nahi Aankho Me Paani Bhi Chahiye.
Humein Dushman Bhi Thoda Khandaani Chahiye

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दुश्मनी का सफ़र इक क़दम दो क़दम
तुम भी थक जाओगे हम भी थक जाएँगे
जो दिल के करीब थे वो जबसे दुश्मन हो गए
जमाने में हुए चर्चे हम मशहूर हो गए

us ne aanchal se nikali meri gumshuda kitaab
aur chupke se mohabbat ka safa mod diya
humein maloom tha anjaam mohabbat ka
hum ne aakhiri hurf se pahle hi kalam tod diya

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दुश्मन भी मेरे मुरीद है शायद वक़्त बे वक़्त मेरा नाम लिया करते है
मेरे गली से गुजरते है छुपा के खन्जर रू-ब-रू होने पर सलाम किया करते है

हम तो दुश्मनी भी दुश्मन की औकात देखकर करते है
बच्चो को छोड देते है और बडो को तोड देते हे

Dushmani Shayari in hindi

कितने झूठे हो गये है हम बच्चपन में अपनों से भी रोज रुठते थे
आज दुश्मनों से भी मुस्करा के मिलते है

मुझसे दोस्ती ना सही तो दुश्मनी भी ना करना
क्यूंकि में हर रिश्ता पूरी शिददत से निभाता हूँ

Latest Dushmani Shayari

अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो

har kamiyaab shaks ke pass ek takleef wo kahani hoti hai
aur har takleef wo kahani ka anjaam kamiyabi hota hai
isliye takleef ko bardaasth karne ki aadat dalo
aur kamiyabi ke liye taiyaar ho jao